भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों की पूरी जानकारी
भारत में भगवान शिव को अद्वितीय, अनंत और निराकार माना गया है।
उनके सबसे पवित्र रूपों में से एक है— ज्योतिर्लिंग, जिसे स्वयं भगवान शिव की अनंत ज्योति का प्रतीक कहा गया है।
लाखों लोग हर साल Google पर खोजते हैं:
“12 Jyotirlinga Name in Hindi”
क्योंकि हर भक्त यह जानना चाहता है कि शिव का कौन सा ज्योतिर्लिंग कहाँ स्थित है, उसकी कहानी क्या है, और उसके दर्शन का फल क्या मिलता है।
⭐ ज्योतिर्लिंग क्या होता है? (Deep Explanation)
“ज्योतिर्लिंग” शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है:
ज्योति + लिंग
- “ज्योति” = प्रकाश
- “लिंग” = शिव का निराकार स्वरूप
इस प्रकार, ज्योतिर्लिंग वह स्थान है जहाँ भगवान शिव स्वयं ‘अनंत प्रकाश स्तंभ’ के रूप में प्रकट हुए।
पुराणों के अनुसार:
- धर्म की रक्षा के लिए शिव ने 12 स्थानों पर स्वयं आकर प्रकाश रूप में अवतार लिया।
- ये 12 स्थान ही आज 12 Jyotirlinga के रूप में विश्व भर में पूजित हैं।
- इनका दर्शन और नाम-स्मरण करने मात्र से पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।
यही कारण है कि लोग बार-बार 12 jyotirlinga name in hindi जानना चाहते हैं।
⭐ 12 Jyotirlinga Name in Hindi – पूर्ण सूची (Most Searched Section)
यहाँ भारत के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों की सूची (नाम + राज्य) दी गई है:
- सोमनाथ ज्योतिर्लिंग – गुजरात
- मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग – आंध्र प्रदेश
- महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग – उज्जैन, मध्य प्रदेश
- ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग – मध्य प्रदेश
- केदारनाथ ज्योतिर्लिंग – उत्तराखंड
- भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग – महाराष्ट्र
- काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग – वाराणसी, उत्तर प्रदेश
- त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग – महाराष्ट्र
- वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग – झारखंड (देवघर)
- नागेश्वर ज्योतिर्लिंग – द्वारका, गुजरात
- रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग – तमिलनाडु
- घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग – महाराष्ट्र
👉 यह पूरी सूची वही है जिसे लोग सबसे ज़्यादा खोजते हैं: 12 jyotirlinga name in hindi in hanupedia.com
⭐ अब हर ज्योतिर्लिंग का विस्तृत विवरण + इतिहास + कथा
1. सोमनाथ ज्योतिर्लिंग – गुजरात (सबसे पहला ज्योतिर्लिंग)

सोमनाथ को “ज्योतिर्लिंगों का राजा” कहा जाता है क्योंकि यह शिव का प्रथम प्रकट स्थल है।
कथा के अनुसार:
- चंद्रदेव को अपने शाप से मुक्ति यहाँ मिली
- सोम (चंद्र) ने शिव की तपस्या करके यह ज्योतिर्लिंग प्राप्त किया
- इसलिए इसका नाम पड़ा “सोमनाथ”
सोमनाथ मंदिर इतिहास में 17 बार तोड़ा गया—
लेकिन हर बार इससे भी भव्य रूप में पुनः बनाया गया।
यह मंदिर शक्ति, साहस और आस्था का प्रतीक है।
यही भारत में शिवभक्ति की सबसे पहली ज्योति है—यह जानकारी खोजते समय लोग बार-बार 12 jyotirlinga name in hindi खोजते हैं।
2. मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग – आंध्र प्रदेश

श्रीशैल पर्वत पर स्थित यह स्थान शिव और शक्ति दोनों का स्वरूप है।
कथा:
- गणेश और कार्तिकेय के विवाह विवाद के बाद
- शिव और पार्वती दोनों पुत्रों से मिलने इस स्थान पर आए
- इसलिए यह “कैलाश का दूसरा घर” कहलाता है
यहाँ हर रात पर्वतों में होने वाली अनहद नाद की ध्वनि ध्यान साधकों के लिए अत्यंत पवित्र मानी जाती है।
3. महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग – उज्जैन (समय का स्वामी)

महाकाल एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है।
सनातन ग्रंथों में लिखा है:
“काल का भी काल है महाकाल।”
अर्थात समय को भी नियंत्रित करने की शक्ति महाकाल के पास है।
यहाँ की भस्म आरती पूरे विश्व में प्रसिद्ध है।
यह ज्योतिर्लिंग छोड़कर कोई भी “12 jyotirlinga name in hindi” की सूची पूर्ण नहीं होती।
4. ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग – मध्य प्रदेश

नर्मदा नदी के बीच एक द्वीप—जिसका आकार बिल्कुल ॐ (ओंकार) जैसा दिखता है।
इस अद्वितीय भू-आकृति के कारण इसका नाम “ओंकारेश्वर” पड़ा।
यह स्थान:
- ऊर्जा
- ध्यान
- आध्यात्मिक उत्थान
के लिए अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है।
5. केदारनाथ ज्योतिर्लिंग – उत्तराखंड (हिमालय का आराध्य)

केदारनाथ पंच केदार में सबसे प्रमुख है।
इसकी 3 चीजें इसे विशेष बनाती हैं:
- हिमालय की गोद में स्थित सबसे ऊँचा ज्योतिर्लिंग
- 5 महीने प्राकृतिक बर्फ में ढका रहता है
- यहाँ शिव ने पांडवों को दर्शन दिए थे
यहाँ पहुँचने के लिए 18 km की कठिन लेकिन दिव्य चढ़ाई करनी पड़ती है।
इसलिए कई भक्त “12 jyotirlinga name in hindi” खोजते समय केदारनाथ की कहानी ज़रूर पढ़ते हैं।
6. भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग – महाराष्ट्र

कथा:
- राक्षस भिम ने अत्याचार बढ़ा दिया था
- भक्तों की रक्षा हेतु शिव ने यहां अवतार लिया
- भीम का वध किया
- और इस स्थान पर ज्योतिर्लिंग रूप में विराजमान हुए
यहाँ घने जंगलों, पहाड़ों और ठंडी वादियों का अद्भुत संगम मिलता है।
7. काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग – वाराणसी

पुराण कहते हैं:
“काशी कभी नष्ट नहीं होती, क्योंकि इसे स्वयं शिव ने बसाया है।”
काशी विश्वनाथ शिव का सबसे जीवंत और साक्षात स्वरूप माना जाता है।
कहते हैं:
- मृत्यु के समय स्वयं शिव कान में “मोक्ष मंत्र” सुनाते हैं
- यहाँ मौत भी मुक्तिदायक है
8. त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग – महाराष्ट्र

यहाँ शिव के “त्रिनेत्र” वाले स्वरूप की पूजा होती है।
यही स्थान गोदावरी नदी का उद्गम स्थल है।
त्र्यंबकेश्वर की एक खास बात:
- यहाँ शिवलिंग के साथ ब्रह्मा और विष्णु के भी 3 अलग-अलग लिंग पूजित हैं
- इसे त्रिमूर्ति का स्थान माना जाता है
9. वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग – झारखंड

इसकी पौराणिक कथा बेहद लोकप्रिय है:
- रावण ने शिव को प्रसन्न करने के लिए अपनी भुजा काट दी
- शिव ने स्वयं वैद्य (चिकित्सक) बनकर रावण को ठीक किया
- इसलिए यहाँ शिव “बैद्य” यानी वैद्यनाथ कहलाए
यह ज्योतिर्लिंग विशेष रूप से स्वास्थ्य और रोग मुक्ति के लिए प्रसिद्ध है।
10. नागेश्वर ज्योतिर्लिंग – द्वारका

यहाँ शिव ने “दारुक” नामक दैत्य से अपने भक्त सुशील को बचाया था।
कहते हैं:
- नागों ने मिलकर शिव की रक्षा की
- इसलिए यह स्थान “नागेश्वर” कहलाया
यह ज्योतिर्लिंग नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करने के लिए प्रसिद्ध है।
11. रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग – तमिलनाडु

रामायण के अनुसार:
- समुद्र पार करने से पहले
- श्रीराम ने यहाँ शिवलिंग स्थापित किया
- और विजय का आशीर्वाद लिया
यह शिव और राम दोनों का संयुक्त धाम है।
भारत में एकमात्र ऐसा स्थान जहाँ “शैव” और “वैष्णव” दोनों एक साथ पूजा करते हैं।
12. घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग – महाराष्ट्र

घुश्मा नाम की एक शिव-भक्त महिला ने:
- 101 शिवलिंग बनाकर पूजा की
- उसका पुत्र उससे छीन लिया गया
- शिव उसकी अटल भक्ति से प्रसन्न होकर
- उस बच्चे को वापस जीवित कर दिया
- और स्वयं को “घृष्णेश्वर” के रूप में प्रकट किया
यह कथा अटूट भक्ति का सर्वोच्च उदाहरण है।
⭐ 12 Jyotirlinga Name in Hindi – Chart/Table
| क्रम | ज्योतिर्लिंग | राज्य | विशेषता |
|---|---|---|---|
| 1 | सोमनाथ | गुजरात | पहला ज्योतिर्लिंग |
| 2 | मल्लिकार्जुन | आंध्र प्रदेश | कैलाश का दूसरा घर |
| 3 | महाकालेश्वर | मध्य प्रदेश | समय का स्वामी |
| 4 | ओंकारेश्वर | मध्य प्रदेश | ॐ आकार का द्वीप |
| 5 | केदारनाथ | उत्तराखंड | हिमालय का आराध्य |
| 6 | भीमाशंकर | महाराष्ट्र | शिव का योद्धा रूप |
| 7 | काशी विश्वनाथ | उत्तर प्रदेश | मोक्ष प्राप्ति का धाम |
| 8 | त्र्यंबकेश्वर | महाराष्ट्र | त्रिमूर्ति का स्थान |
| 9 | वैद्यनाथ | झारखंड | रोग मुक्ति |
| 10 | नागेश्वर | गुजरात | नागों का धाम |
| 11 | रामेश्वरम | तमिलनाडु | राम-शिव एकत्व |
| 12 | घृष्णेश्वर | महाराष्ट्र | अटूट भक्ति का फल |
⭐ FAQ – 12 Jyotirlinga Name in Hindi
1. भारत में कुल कितने ज्योतिर्लिंग हैं?
भारत में कुल 12 ज्योतिर्लिंग हैं, जिन्हें भगवान शिव के सबसे पवित्र और दिव्य स्वरूप माना जाता है। इन्हें जानने के लिए लोग अक्सर 12 jyotirlinga name in hindi सर्च करते हैं।
2. 12 Jyotirlinga Name in Hindi क्या हैं?
12 ज्योतिर्लिंगों के नाम हिंदी में इस प्रकार हैं—
सोमनाथ, मल्लिकार्जुन, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, केदारनाथ, भीमाशंकर, काशी विश्वनाथ, त्र्यंबकेश्वर, वैद्यनाथ, नागेश्वर, रामेश्वरम और घृष्णेश्वर।
3. ज्योतिर्लिंग का क्या अर्थ होता है?
“ज्योतिर्लिंग” का अर्थ है—प्रकाश का लिंग या वह स्थान जहाँ भगवान शिव ने स्वयं को दिव्य प्रकाश स्तंभ (ज्योति) के रूप में प्रकट किया। यह शिव के निराकार स्वरूप का सर्वोच्च रूप है।
4. सबसे पहला ज्योतिर्लिंग कौन सा है?
सबसे पहला और सबसे प्राचीन ज्योतिर्लिंग सोमनाथ ज्योतिर्लिंग है। इसे “ज्योतिर्लिंगों का राजा” कहा जाता है।
5. सबसे अधिक शक्तिशाली ज्योतिर्लिंग कौन सा माना जाता है?
हर ज्योतिर्लिंग की शक्ति अलग-अलग है, परंतु आस्था के अनुसार महाकालेश्वर, काशी विश्वनाथ और सोमनाथ सबसे शक्तिशाली और प्रसिद्ध माने जाते हैं।
6. क्या 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करने से मोक्ष मिलता है?
हाँ, शास्त्रों के अनुसार 12 ज्योतिर्लिंगों का दर्शन करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह शिवभक्तों का सर्वोच्च आध्यात्मिक लक्ष्य माना जाता है।
7. सबसे कठिन ज्योतिर्लिंग यात्रा कौन सी है?
केदारनाथ ज्योतिर्लिंग की यात्रा सबसे कठिन मानी जाती है, क्योंकि यहाँ पहुँचने के लिए 16–18 किलोमीटर की ऊँची पर्वतीय चढ़ाई करनी पड़ती है।
8. 12 ज्योतिर्लिंग भारत के किन-किन राज्यों में स्थित हैं?
12 ज्योतिर्लिंग गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, झारखंड, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में स्थित हैं।
यह जानकारी खोजते समय लोग “12 jyotirlinga name in hindi with state” भी सर्च करते हैं।
9. क्या सभी 12 ज्योतिर्लिंगों का इतिहास एक जैसा है?
नहीं। हर ज्योतिर्लिंग की अपनी अलग पौराणिक कथा, इतिहास, स्थापना कथा और महत्व है। कुछ शिव के क्रोध रूप से जुड़े हैं, कुछ दया और भक्ति से, जबकि कुछ राक्षस-वध और धर्म रक्षा से।
10. क्या 12 ज्योतिर्लिंगों के नाम सिर्फ शिवपुराण में मिलते हैं?
12 ज्योतिर्लिंगों का वर्णन मुख्य रूप से शिवपुराण में मिलता है, लेकिन इनके संदर्भ स्कंदपुराण, लिंगपुराण, रामायण, और कई अन्य ग्रंथों में भी मिलते हैं।
हर हर महादेव !


Pingback: 2026 में नए साल पर कौन से मंदिर जाएँ? | New Year Me Kaun Sa Mandir Jaye
Pingback: 5 Jyotirlingas of Maharashtra – History & Travel Guide 2026