दीपावली—अंधकार पर प्रकाश की विजय, बुराई पर अच्छाई की जीत और नकारात्मकता पर सकारात्मकता के उत्सव का प्रतीक है। इस दिन जहाँ माँ लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर की पूजा होती है, वहीं दीपावली की पूर्व संध्या (छोटी दिवाली या नरक चतुर्दशी) पर संकटमोचन हनुमान जी की आराधना विशेष रूप से की जाती है।
कहते हैं कि इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं और घर में सुख-शांति व समृद्धि का वास होता है।
छोटी दिवाली और हनुमान जी की पूजा का संबंध
छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी, रूप चौदस या काली चौदस भी कहा जाता है।
पौराणिक कथा के अनुसार, इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर राक्षस का वध किया था और धरती को उसके अत्याचारों से मुक्त कराया था।
इस दिन हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व इसलिए है क्योंकि वे स्वयं अंधकार और भय के नाशक हैं।
जब हम दीप जलाकर अपने घर को रोशन करते हैं, तब हनुमान जी की भक्ति हमारे मन और जीवन के अंधकार को भी मिटा देती है।

श्रीराम का वरदान और हनुमान जी की महिमा
श्रीराम के अयोध्या लौटने पर दीपावली का उत्सव मनाया गया। उस समय भगवान राम ने अपने परम भक्त हनुमान जी को वरदान दिया —
“हे हनुमान! जब भी कोई भक्त दीपावली मनाएगा, वह पहले तुम्हारी पूजा करेगा।”
इसी कारण छोटी दिवाली की रात हनुमान जी को समर्पित मानी जाती है।
हनुमान जी की पूजा करने से न केवल श्रीराम की कृपा प्राप्त होती है, बल्कि घर में लक्ष्मी का आगमन भी होता है।
दीपावली पर हनुमान जी की पूजा से मिलने वाले लाभ
हनुमान जी की पूजा करने से भक्त को कई आध्यात्मिक और सांसारिक लाभ प्राप्त होते हैं।
यह दिन उनकी आराधना के लिए सबसे शुभ माना जाता है।
🌺 प्रमुख लाभ:
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🪔 संकटों से मुक्ति: सभी प्रकार की नकारात्मक शक्तियाँ दूर होती हैं।
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💪 साहस और आत्मविश्वास: हनुमान जी की कृपा से मनोबल बढ़ता है।
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🌿 सकारात्मक ऊर्जा: घर में सुख-शांति और ऊर्जा का संचार होता है।
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💰 धन एवं लक्ष्मी प्राप्ति: श्रीराम के वरदान के अनुसार लक्ष्मी जी की कृपा भी मिलती है।
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🧘♂️ मानसिक शांति: भक्त को शांति और संतोष की अनुभूति होती है।
दीपावली पर हनुमान जी की पूजा विधि
हनुमान जी की पूजा करते समय श्रद्धा और भक्ति सबसे महत्वपूर्ण होती है।
यहाँ है सरल और प्रभावशाली पूजा-विधि 👇
- प्रातः स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
- पूजा स्थान पर लाल कपड़ा बिछाएँ और हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
- जल, चावल, रोली, फूल और दीप से पूजन करें।
- बूंदी के लड्डू या खीर का भोग लगाएँ।
- “ॐ हनुमते नमः” मंत्र का जप करें।
- हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करें।
- अंत में आरती करें और हाथ जोड़कर विनम्रता से प्रार्थना करें।
🔮 टिप: पूजा के बाद हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करना शुभ होता है।
दिवाली पर हनुमान जी की दिव्य लीला
कथाओं के अनुसार, हनुमान जी ने लंका दहन करके बुराई के अंधकार को समाप्त किया था।
इसी प्रतीक को हम दीपावली के रूप में मनाते हैं —
जहाँ हर दीपक यह संदेश देता है कि “भक्ति और सत्य का प्रकाश हमेशा अंधकार पर विजय प्राप्त करता है।”
जब हम दीप जलाते हैं, तो यह केवल हमारे घर को नहीं, बल्कि आत्मा के भीतर के अंधकार को भी दूर करता है।
हनुमान जी की पूजा से जीवन में नई ऊर्जा और आशा का उदय होता है।

दिवाली पर हनुमान जी की पूजा में विशेष मंत्र
पूजा के दौरान निम्न मंत्रों का जप विशेष फलदायी होता है:
🕉 ॐ हनुमते नमः
🙏 जय हनुमान ज्ञान गुन सागर, जय कपीस तिहुँ लोक उजागर।
🔱 संकट कटै मिटै सब पीरा, जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।
इन मंत्रों के साथ श्रद्धा से किया गया जप, हनुमान जी की कृपा को आकर्षित करता है।
(FAQs)
1️⃣ दीपावली पर हनुमान जी की पूजा क्यों की जाती है?
क्योंकि यह रात नकारात्मक ऊर्जाओं से मुक्त होकर प्रकाश की शुरुआत का प्रतीक है। हनुमान जी की पूजा से सुरक्षा और शांति मिलती है।
2️⃣ हनुमान जी की पूजा का शुभ समय क्या है?
नरक चतुर्दशी की शाम या रात का कोई भी शुभ मुहूर्त उपयुक्त है।
3️⃣ पूजा में कौन सा फूल अर्पित करें?
लाल फूल (विशेषकर गेंदा या गुलाब) हनुमान जी को अति प्रिय हैं।
4️⃣ क्या दीपावली पर हनुमान चालीसा पढ़ सकते हैं?
हाँ, यह अत्यंत शुभ माना गया है।
5️⃣ हनुमान जी की पूजा से क्या फल मिलता है?
साहस, समृद्धि, शांति और सभी संकटों से मुक्ति।
6️⃣ पूजा के समय क्या वर्जित है?
नकारात्मक विचार, क्रोध और असत्य बोलना।
7️⃣ क्या महिलाएँ हनुमान जी की पूजा कर सकती हैं?
हाँ, पूरी श्रद्धा और मर्यादा के साथ।
8️⃣ पूजा में कौन-सा प्रसाद दें?
बूंदी के लड्डू या सिंदूर मिश्रित चमेली तेल से बना भोग।
9️⃣ क्या इस दिन सुंदरकांड पढ़ना शुभ है?
हाँ, यह सर्वोत्तम फलदायी माना गया है।
🔟 क्या हनुमान जी की पूजा से लक्ष्मी जी प्रसन्न होती हैं?
हाँ, क्योंकि हनुमान जी के माध्यम से श्रीराम की कृपा प्राप्त होती है, और श्रीराम की कृपा से लक्ष्मी का वास होता है।
जब हम दीपावली के दीप जलाते हैं, तो केवल अपने घर को नहीं, बल्कि अपने मन, आत्मा और जीवन को भी प्रकाशित करें।
हनुमान जी की भक्ति वह शक्ति है जो भय, बाधा और अंधकार को मिटा देती है।
💫 “जहाँ हनुमान जी का स्मरण होता है, वहाँ भय का नामोनिशान नहीं रहता।”
इस दीपावली, अपने घर में हनुमान जी की पूजा करें, चालीसा पढ़ें, और अपने जीवन में भक्ति का प्रकाश फैलाएँ।
जय श्रीराम! जय हनुमान!


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